About

गढ़ गंगा मेला — आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

गढ़ गंगा मेला उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़ में पवित्र गंगा तट पर आयोजित होने वाला एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान, पूजा-अर्चना, दीपदान और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।

यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, संगीत और सामाजिक सहभागिता का भी जीवंत उत्सव है।

हमारी परंपरा

गढ़मुक्तेश्वर और बृजघाट का गंगा तट लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां पवित्र गंगा स्नान और दीपदान की परंपरा विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।

गंगा तट पर जलते असंख्य दीप, गंगा आरती और श्रद्धालुओं की आस्था मेले के वातावरण को आध्यात्मिक और भव्य बनाती है।

गढ़ गंगा मेला 2026
आस्था से संस्कृति तक — गंगा तट पर एक भव्य अनुभव।

संस्कृति और उत्सव

गढ़ गंगा मेला धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी मंच है। मेले के दौरान भजन संध्या, गजल, कवि सम्मेलन, लोक संस्कृति, ब्रज की होली, मैजिक शो, कॉमेडी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती हैं। यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों की कला और लोक परंपराओं को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करता है।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए मेले में आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। इनमें सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, पार्किंग, यातायात प्रबंधन और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं शामिल हैं। मेले में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवास और Tent City जैसी आधुनिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है।